Friday, 4 December 2009

क्‍या आपको ऐसा नहीं लगता ?




अक्‍सर एक सपना सा चलता है
कि‍ चारों ओर श्‍मशान सा माहौल है

अजीब सा लगता है
मुर्दों के बीच रहना
चलना फि‍रना
उनसे बातें करना
उनकी निंदा उनकी प्रशंसा करना

फि‍र कभी कभी शक होता है
कि‍ कहीं हम भी मुर्दे ...

और नींद टूट जाती है।


और जागने के बाद भी लगता है
कि‍ ये ही हकीकत है ? या,
वो ही हकीकत थी ?