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मंगलवार, 5 जनवरी 2010

एक प्‍यारा फि‍ल्‍मी गीत और एक नया अन्‍तरा

खुदाया वे! हाये!!! इश्क है कैसा ये अजीब रे
दिल के करीब लाया, दिल का नसीब रे - 2
खुदाया वे! हाये!!! इश्क है कैसा ये अजीब रे

आखों से ख्वाब रूठे, अपनों के साथ छूटे
तपती हुई राहों में, पैरों के छाले फूटे......
प्यासे तड़प रहें है, साहिल करीब रे - 2
खुदाया वे! हाये!!! इश्क है कैसा ये अजीब रे

आंसू नमक से लागे, रिश्ते हैं कच्चे धागे
रेत पे अपने साये, खुद से क्यों दूर भागे
खींच के हमको लाया, कहां पे रकीब रे - 2
खुदाया वे! हाये!!! इश्क है कैसा ये अजीब रे

जब भी है गाना चाहा, दर्द ही लब पे आया
उम्रें हैं गुजरी लाखों, फिर भी मिला ना साया
जिसको भी माना अपना, लाया सलीब रे - 2
खुदाया वे! हाये!!! इश्क है कैसा ये अजीब रे
यहाँ पर गीत का अंतिम अंतरा ‘‘राजेशा’’ ने गढ़ने की कोशिश की है।
फिल्म - लक, गायक-सलीम मर्चेंट, गीत- शब्बीर अहमद

क्‍या आपने  हि‍न्‍दी युग्‍म पर 36वें यूनि‍कवि‍ के रूप में
 हमारी कवि‍ता "नाराजगी का वृक्ष" पढ़ी ??
नहीं तो ये लि‍न्‍क देखें- http://kavita.hindyugm.com/

बुधवार, 7 अक्टूबर 2009

अजनबी कौन हो तुम.....

अजनबी कौन हो तुम, जब से तुम्हें देखा है
सारी दुनिया मेरी आंखों में सिमट आयी है

तुम तो हर गीत में शामिल थे तरन्नुम बनके
तुम मिले हो मुझे फूलों का तबस्सुम बनके
ऐसा लगता है कि बरसों से शनासाई है
अजनबी कौन हो तुम...............................................

ख्वाब का रंग हकीकत में नजर आया है
दिल में धड़कन की तरह कोई उतर आया है
आज हर साज में शहनाई सी लहराई है
अजनबी कौन हो तुम...............................................


कोई आहट सी अंधेरों में चमक जाती है
रात आती है तो तन्हाई महक जाती है
तुम मिले हो या मोहब्बत ने गजल गाई है
अजनबी कौन हो तुम...............................................
Audio Video : http://www.youtube.com/watch?v=ZRI3CSpc4v4

रविवार, 14 दिसंबर 2008

एक फिल्मी गीत

वो शाम कुछ अजीब थी ये शाम भी अजीब है
वो कल भी पास पास थी वो आज भी करीब है

झुकी हुई निगाह में, कहीं मेरा खयाल था
दबी-दबी हसीं में इक, हसीन सा गुलाल था
मैं सोचता था मेरा नाम गुनगुना रही है वो
मै गाऊं तो लगा मुझे कि मुस्कुरा रही है वो

मेरा खयाल है अभी झुकी हुई निगाह में
खिली हुई हंसी भी है दबी हुई सी चाह में
मैं जानता हूं मेरा नाम गुनगुना रही है वो
यही खयाल है मुझे कि पास आ रही है वो

फिल्म-खामोशी गायक-किशोर