Wednesday, 23 November 2011

जस्ट डायल डॉट कॉम धोखाधड़ी, लूट खसोट Just Dial.com Scam/ Fraud


मोबाइल फोन नं. एक सुविधा है लेकिन साइड इफेक्ट्स की तरह इसके साथ कई असुविधाएं जुड़ी हैं, जिन्हें लोग नजरअंदाज करते हैं। संचार सुविधाओं की तरह ही इंटरनेट एक मायावी और अविश्वसनीय माध्यम हैं। अक्सर भीड़, शोरशराबे और तन्हाईयों की गलियों से बचने वाले इंटरनेट के जंगल में आसानी से खो जाते हैं।
अगर आपके इर्द-गिर्द मौजूद करोड़ों लोग इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आप अपवाद रहें, यह एक सामाजिक प्राणी तो पसंद नहीं ही करता।

इंटरनेट पर आते ही आपका वास्ता गूगल से पड़ेगा। लोगों को विन्डो एक्सप्लोरर से ज्यादा गूगल का होम पेज इंटरनेट का पर्याय लगता है। गूगल के मंच से ही आप अन्तरजाल के मायावी जगत में विचरते हैं। अगर इस मंच से आपका वास्ता रोज पड़ता है तो आपको कुछ वेबसाईटस की आदत या लत पड़ जाती है.... ये वो वेबसाइर्टस होती हैं जो इंटरनेट पर काम करते समय आपकी सुविधा या पसंद नापसंद होती हैं। आप रोज अपनी इच्छाओं से उपजे शब्दों को गूगल पर डालते हैं और तत्संबंधित ढेरों वेबसाईटें आपके दृष्टिपटल पर बिछ जाती हैं।

पहले, विभिन्न उत्पादों और सेवाओं के नाम, पते, फोन नं दर्शाने के लिए येलो पेजेस डायरेक्ट्रीज हुआ करती थीं। अब इंटरनेट है तो ऑनलाइन ऐसी वेबसाईट्स हैं जिनसे आप अपनी गली मोहल्ले से लेकर देश भर के महानगरों, नगरों और उनकी गलियों में स्थित दुकानों, सेवा केन्द्रों के पते ठिकाने जान सकते हैं। ये लाभकारी सुविधा है। ऐसी ही वेबसाईट्स में मानो ना मानो जस्ट डायल डॉट कॉम प्रमुख है। इसके ब्रांड एम्बेसेडर अमिताभ बच्चन हैं, इस वेबसाईट के विज्ञापन हम टीवी के प्रमुख चैनल्स और इंटरनेट पर देख सकते हैं।
अब कृपया इस पोस्ट की सारी पाठ्य सामग्री पढ़ें, पूरी तरह अवश्य पढ़ें। हो सकता है कोई चूना आपको भी लगने वाला हो, और आप बच जायें या अपने किसी परिचित को बचा लें।

हम पिछले वर्षों से नाम पते ठिकानों की तलाश में जस्ट डायल डॉट कॉम का उपयोग करते आ रहे हैं। वर्ष 2009 में इनकी वेबसाईट्स पर देखा कि ये मेहनती लोगों को बिजनेस का एक विकल्प भी देते हैं- ये है जस्ट डायल डॉट कॉम  की री-सेलरशिप। कुछ राशि लेकर ये आपका पंजीकरण अपनी साईट पर एक वर्ष के लिए करते हैं (2009 में ये राशि शायद 2500 या 3000 रू थी ) और आपको एक लॉग इन आईडी और पासवर्ड देते हैं। आपको ये करना होता है कि इनकी वेबसाईट में आपको अपने शहर के उन उत्पाद, सेवा प्रदाताओं के नाम जोड़ने होते हैं जो इनकी वेबसाईट में नहीं हैं इसके बदले में ये आपको प्रति नाम, पता, फोन नं और फोटो इत्यादि का डाटा एड करने पर रू. 50/- तक देते हैं (इसकी भी कई विस्तृत शर्तें हैं।)। इसके अलावा, यदि आपके शहर का कोई ग्राहक इनकी वेबसाईट की प्रायरोटि कैटेगिरी लिस्टिंग या स्मार्ट लिस्टिंग में आना चाहता है तो उससे ये वर्ष 2011 में रू. 3000/- लेते हैं। इस कस्टमर को अटेंड करने की काम ये रिसेलकर को देते हैं और इस राशि का 33 प्रतिशत रिसेलर यानि आपको दिया जाता है। ये सारी कहानी आपको इस लिंक पर समझ आ जायेगी http://reseller.justdial.com/reseller.php#who

साल दो साल पहले जब जस्टडायल डॉट कॉम की ओर से किसी एक्जीक्यूटिव का कॉल आया। उस समय किसी व्यक्ति के रीसेलर बनाने के लिए जस्टडायल डॉट कॉम वाले हमारे शहर में 3000/- रू ले रहे थे। हमने पहले तो सारी जानकारी ली, पर लगा इंटरनेट का मामला है, ये लोग भरोसेमेंद हैं या नहीं? पर फूटी किस्मत कि गूगल पर ”जस्ट डायल स्कैम्स“ टाईप करके नहीं देखा। खैर उस समय भी हमने इनकी रीसेलरशिप के बारे में गंभीरता ने नहीं सोचा था, तो बात आई गई हो गई।

अब वर्ष 2011 की बात है - 1 नवम्बर को हमने इनकी वेबसाईट का फीडबैक फार्म भर कर भेजा कि हम इसमे रूचि रखते हैं। उसी दिन शाम को जस्टडायल डॉट कॉम के एक्जीक्यूटिव संदीप (फोन नं ...........) का फोन आया और उसने लम्बी चैड़े वार्तालापों से (जिसे आज की तारीख में फंसाना) कह सकते हैं, से प्रभावित किया। ये पूछने पर कि हमारे शहर में आपका कोई रीसेलर है। संदीप ने एक दो लोगों के नंबर दिये,  जिनसे फोन पर जानकारी ली तो पता चला कि वो एक दो वर्ष से काम कर रहे हैं ... पर अब उन्हें बहुत कम पैसे मिल रहे हैं। हमारे शहर में 3 रीसेलर पहले ही हैं यदि आप बन जायेंगे तो कमाई का बंटवारा होकर ये और कम हो जायेगी। पर बंदे ने यह नहीं बताया कि अब तो सारा काम डूबने वाला हो गया है। हमारे शहर में जस्ट डायल के रीसेलरों से ली जानकारी से लगा कि - हो ना हो कुछ तो कमाई हो ही रही है, हो सकता है भोपाल स्थित रीसेलर ही काम ना कर रहे हों और दोष कंपनी का बता रहे हों।

1 से 8 नवम्बर 2011 तक जस्ट डायल के कार्यकर्ता संदीप के निरंतर फोन आते रहे। ये सारे फोन रीसेलर के लिए 5515/- की राशि जमा कराने बाबत थे। (हमारी याददाश्त में ये राशि 5000/- थी) हमने एक दो तीन दिन टाला, बीच में 6 नवम्बर को रविवार आ गया। 7, 8, 9 को बैंकों की हड़ताल थी जो 8 को ही खत्म हो गई। इस बीच शनि भी तुला राशि में आने वाला था या आ गया था। आखिरकार 8 नवम्बर को हमने अपना नाम पता फोटो, आईडी और 5000/- का चेक तैयार कर लिया। चेक अपने शहर के एक्सिस बैंक में जमा करना था। 8 नवंबर 2011 को संदीप का फोन आया तो हमने बताया कि हमने सबकुछ तैयार कर लिया है, चेक 5000/- का बनाया है, तो वो बोला कि चेक 5515/- का ही बनाना होगा। वो बोला कि कैश भी जमा कर सकते हैं। बैंक में जमा कराने पर आपके पास उसकी रसीद तो रहेगी ही। और हमने 8 नवम्बर को ही 5515/- नगद जस्टडायल लिमिटेड के एक्सिस बैंक के एकाउंट नं 21901 02000 0587 में जमा कर दिये। उसके बाद संदीप का फोन आना बंद हमारा, फोन लगाना शुरू। संदीप को उसी दिन फोन करके बताया कि भई राशि जस्टडायल के एकाउंट में जमा कर दी है, दस्तावेज स्केन करके भेज दिये हैं। संदीप बोला कि बस सर! निश्चिंत रहें, अब आपका रीसेलर लॉग इन  आईडी और पासवर्ड सप्ताह भर के अंदर ही मिल जायेगा। सप्ताह बाद जब 14 नवम्बर को संदीप को फोन लगाया तो बोला कि बस आजकल में ही आ जायेगा। 16 नवम्बर को फोन लगाने पर कहा गया कि कल आ जायेगा। 17 तारीख को बताया गया कि लागइन आईडी पासवर्ड क्रियेट करने वाली मोहतरमा नहीं आईं। 18 नवम्बर को संदीप ने फोन उठाना ही बंद कर दिया। 19 नवम्बर को दसियों बार काॅल करने पर फोन किसी आशीष नाम के व्यक्ति ने रिसीव किया। उसे सारी कहानी सुनाई तो वो बोला- आपका आईडी पासवर्ड सोमवार यानि 21 नवम्बर को बन ही जायेगा। उसने यह भी कहा कि - सर अब कोई दिक्कत हो तो मुझे इस एक्सटेंशन पर फोन करें। 21 नवम्बर भी निकल गई। 22 नवम्बर को आशीष के दिये नम्बर पर भी कोशिश की पर ये नम्बर ही गलत निकला। 22 नवम्बर को सुबह जस्ट डायल की वेबसाईट पर उपलब्ध सारे नम्बर डायल किये पर कोई नम्बर नहीं लगा।

23 नवम्बर को सुबह जस्ट डायल की वेबसाईट पर उपलब्ध सारे नम्बर डायल किये पर कोई नम्बर नहीं लगा। और नम्बर तलाशे तो जिसे शायद जस्टडायॅल काॅम की रिसेप्शन एक्जीक्यूटिव ने उठाया। उससे जस्ट डायल का एकाउंट नम्बर कनफर्म करना चाहा तो उसने मनोज नाम के व्यक्ति को ट्रांसफर कर दिया। मनोज एकांउटस विभाग में है। मनोज को पूरी कहानी बताई तो उसने कस्टमर केयर में ट्रांसफर कर दिया। जब कस्टमर केयपर पूरा किस्सा वर्णन किया तो रीसेलर विभाग की एक्जीक्यूटिव रूचिका को फोन ट्रांसफर कर दिया गया।  एक्जीक्यूटिव रूचिका से पता चला कि पैसा जस्ट डायल लि के एकाउंट में पक्का जमा हुआ है। हमने कहा - महोदया, हम आपकी कंपनी के सद्व्यवहार से काफी त्रस्त हो चुके, क्या किसी तरह 5515/- हमारे खाते में दुबारा नहीं लौट सकते। रूचिका जी ने कहा नहीं, अब तो यह संभव नहीं। रूचिका नाम की एक्जीक्यूटिव ने आज 23 तारीख को आश्वासन दिया कि आज आपका रीसेलर लॉग इन  आईडी और पासवर्ड दे दिया जायेगा। लेकिन कुछ घटे बाद जब इन महोदया द्वारा दिया गये नम्बर पर कॉल किया तो वो नम्बर ही गलत निकला।
ये लोग आज दिनांक 29 नवम्बर तक निरंतर टालते रहें हैं और हमारे एसटीडी के पैसे खर्च होते रहे हैं, अब आप ही बतायें क्या 6000 रू. की राशि के लिए मुम्बई जाकर इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाये या क्या किया जाये .. अब सब पढ़ने वालों से निवेदन हैं कि इनसे व्यवहार करते समय ये सब ध्यान में रखें!
भाई लोग, 
जस्ट डायल लिमिटेड, जिसके रचियता श्रीमान मनी महोदय, चैन्नईवाले हैं। जिन्होंनें ये कंपनी 50 हजार की लागत से शुरू की थी! उनका लूट खसोट का कारोबार सैकड़ो करोड़ रूपये में पहुंच चुका है। अमिताभ बच्चन इसके ब्रांड एमबेसडर हैं। प्रचार प्रसार में कंपनी करोड़ों लगा रही है, इससे किसी भी आम आदमी का भ्रमित हो जाना बहुत ही सहज है। लेकिन इस सहज ही प्रभावित हो जाने में हजारों लाखों लोगों के कई करोड़ों रूपये का नुक्सान है। तो सभी पढ़ने वालों से निवेदन है कि वो चेतें, अन्यों को चेताएं।

निम्नलिखित लिन्क्स से समझ में आया कि ये लिन्कस हर जस्ट डायल से व्यवहार करने वाले व्यवसायी को हर लेन-देन से पहले देखने चाहिए। क्योंकि जैसा आप लिन्क्स में देख ही सकते हैं, जस्ट डायल द्वारा रीसेलरशिप के लिए उपलब्ध कराये गये लाग इन आईडी पासवर्ड से आपके पैसे तो लौटने वाले नहीं। ऊपर दी गई लिन्क्स में आप देख ही सकते हैं, आपके शहर के वो नाम पते जो इनकी वेबसाईट में ना हों, सैकड़ों की संख्या में ऐसे पते ढूंढने में, टाईप कर अपलोड करने में आपकी मेहनत ही जाया होनी है। ये लोग ऐसे पतों को फर्जी बताते हैं लेकिन शामिल जरूर कर लेते हैं और कहते हैं कि ये तो उनकी वेबसाईट में पहले से ही थे। स्मार्ट मैम्बरशिप के लिए की जाने वाली दौड़धूप के बाद जिनका 50 हजार या लाख रूपये में से 33 प्रतिशत का हिस्सा बनता है उन्हें भी 500/- हजार के चेक मिल रहे हैं।

कई लिन्कस सूत्र देखने पर स्मार्ट लिस्टिंग सब्सक्राइब करने वाले ग्राहकों से किये गये फर्जीवाड़े की जानकारी भी मिलती है। क्योंकि इनका पंजीकरण हर वर्ष री-न्यू करवाना पड़ता है। फोन, मेल पर दुहाईयां देते-देते और यहां वहां कहानियां सुनाते-सुनाते साल भर कब निकल जायेगा पता नहीं चलेगा। लेकिन एसटीडी पर लगाये गये काल्स का बिल तो आपको भरना है, सारा दिन इनकी झंझट में पढ़कर सिरदर्द, ब्लड प्रेशर बढ़ने, चिंतित रहने दुष्परिणाम भी आपको भोगने होंगे। 

इस ब्लागपोस्ट के माध्यम से यह भी निवेदन है कि जस्ट डायल डॉट कॉम वालों की धोखाधड़ी के शिकार व्यक्ति सम्पर्क करें ताकि एकजुट होकर इनकी धोखाधड़ी, लूट खसोट का जवाब तैयार किया जा सके। 
तो साफ साफ शब्दों में निवेदन है कि जस्ट डायल से लेन देन का व्यवहार, एक जुए की तरह है।  आप पांडव हुए और श्रीकृष्ण साथ हुए तो ही यह महाभारत जीती जा सकती है। यदि आप सुग्रीव हैं और राम और हनुमान के बल पर रावण पर चोट करने का माद्दा रखते हैं तो ही इनसे व्यवहार करें।
यदि आपके पास रखे 5, 10, 50 हजार या लाख रूपये उछल रहे हैं तो उन्हें शासकीय बैंक, पोस्ट आफिस में जमा कर 9.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज पायें।
यदि आपको जोखिम ही उठाना है तो शेयर मार्केट में अन्य कंपनियों में लगायें, जस्ट डायल में ही क्यों?
मेहनत करनी है तो अपने शहर में ही पार्ट टाईम काम ढूंढे, या नये काम रचे, जस्ट डायल जैसी फर्जी कंपनियों में आपकी मेहनत का सिला नहीं मिलने का।
इस बीच आज की तारीख तक ढेरो लिंक देखे जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं -
ठगे गये दो चार लोगों के नाम पते :
Subject - JustDial Reseller Payment Done but No id password is been provided
Hello Sir,
My name is Abhinav Singh and I have done my payment to JUSTDIAL for becoming a reselller of 4999 Rs. on 1 Dec 2010 and after that i didnt got any id and passwords.I asked to ICICI bank and confirmed from the customer care they told me that payment was clear to JUSTDIAL on 2 Dec 2010.I have got my Payment ID from ICICI bank i.e. MICI0125078415. I have talked to JUSTDIAL and they are denying of any payment. Please look into this matter and take some appropriate action.
Thanks & regards
Abhinav Singh Mob No - 09999047518 e-mailid - abhinavsinghtwo@gmail.com
-------------------
अखिलेश ने ब्लाग भी बनाया है। अखिलेश ने ऐसी ही कई वेबसाईटस पर अपनी भड़ास निकाली है।
http://wwwfraudjustdialcom.blogspot.com/2011_06_01_archive.html
http://www.indiaconsumerforum.org/?p=12916
JUST DIAL YOU GO TO HELL ONE DAY OR ELSE RETURN MY 5 thousand rs.
Thanks !!!
Akhilesh Singh, Noida Gijjhaur, UP, Email: akhileshtomar62@gmail.com, Contact No.: 9971053854
जस्ट डायल की धोखाधड़ी जानने के लिए गूगल पर ये पेस्ट करें - justdial reseller scam
और भी लिंक देखें - 
http://www.consumercomplaints.in/complaints/just-dial-c60676.html
http://www.grahakseva.com/complaints/8993/just-dial-fraud-by-the-name-of-service
http://www.publiccomplaints.in/f12/http-www-justdial-com-index-php-fraud-scam-1229/
http://econsumercomplaints.in/2011/04/14/justdial-scam-with-just-dial-reseller-program/
http://www.pluggd.in/justdial-reseller-program-data-entry-job-297/
http://www.consumercourtforum.in/f10/justdial-reseller-payment-done-but-no-id-password-been-provided-34810/
http://www.consumercourt.in/product-services/74741-totally-fruad-cheated-reseller-justdial.html
http://www.mouthshut.com/product-reviews/Justdial-Yellow-Pages-Bombay-Mumbai-reviews-925096569
http://www.worstscams.com/beware/just-dial-fraud-ltd-is-minting-money-by-justdial-fraud-services
http://www.complaints-india.com/complaints/22223/DATA-FUARD.html
http://www.reviewcentre.com/review684336.html
http://www.complaints-india.com/companycomplaints/8715/Just-Dial-Pvt-Ltd.html
http://www.consumercomplaintsindia.org/category/news-media/
http://www.indiastudychannel.com/resources/91861-Review-fraud-company-Justdial-com.aspx
http://www.mouthshut.com/review/Justdial-Yellow-Pages-Bombay-Mumbai-review-lltsnllpnn
http://www.grahakseva.com/complaints/23911/just-dial-cheating
http://boardreader.com/thread/complaint_registration_against_Just_Dial_cfhdeXav.html
http://174.132.132.135/JUST_Dial_Reseller-Complains-18397-SC.html
http://wardno27.lawyersclubindia.com/experts/Cheated-by-JUSTDIAL-155441.asp
http://www.icomplaints.in/just-dail-mumbai-unathurised-withdrwan-rs.11592-though-ecs-02006.html
http://66.7.221.226/~consumer/?p=12916
जस्ट डायल वेबसाईट्स की प्राथमिक जानकारी के बारे में ढेरो लिंक हैं तो ये देखें:
http://www.articlesnatch.com/Article/Just-Dial-The-Way-To-Success--/2176479
दरअसल दिक्कत ये है कि ऐसे ही किसी एक लिंक्स पर इस कंपनी और इसके बनाने वाले का यशगान भी होता है और नीचे इससे लुटे-खसोटे-पिटे जा चुके लोगों का रोना धोना भी होता है।
http://dare.co.in/people/featured-entrepreneur/vss-mani-just-dial/Page-2.htm
इसके लिए किसी ने एक ब्लाॅगस्पाट पेज भी बनाया है।
http://justdialsucks.blogspot.com/
और किसी ने इसे फ्राड डायल डाट काम भी कहा है, ये लिन्क देखें।
http://frauddial.blogspot.com/

Monday, 21 November 2011

परिंदे की मौत

जिन्दगी एक खुजली का नाम है। जब आत्मा को खुजली होती है तो वो किसी गर्भ में उतरती है और जिन्दगी की नौटंकी शुरू होती है। करोड़ों योनियां (जून या जन्म) हैं, करोड़ों भूमिकाएं। मुझे याद नहीं कि, यह तय करना अपने हाथ में या नहीं कि आप कौन सी भूमिका चुनेंगे। दुनियां में कुछ लोग तो ऐसे दिखे जो भूमिका उन्हें मिली वो भी नहीं निभाते, हद ये कि.... कुछ अपनी भूमिका और चरित्र से दुखी होकर आत्महत्या कर लेते हैं। कुछ जो भूमिका मिली है उससे इतर भी फटे में टांगें डालते रहते हैं, ऐसे लोगों की हाथों में 11 अंगुलियां होती हैं। एक अतिरिक्त उंगली अतिरिक्त जगहों पर डालने के लिए, जो शरीर पर नजर नहीं आती पर उनके चरित्र का अभिन्न अंग होती है। खैर मैं शायद भटक रहा हूं, मुझे आपको कुछ पलों का छोटा सा किस्सा सुनाना है, कहानी नहीं। कहानी की परिभाषा ये है कि - वो किस्सा जो लम्बा लगने लगे उसे कहानी कहते हैं। कब कैसा लगता है इसे मापने के लिए आपका जिन्दा होना जरूरी है। यह किस्सा जिन्दा रहने का ही है।
 
एक समय रामाधार नाम का एक आदमी बेचैन था, या बेचैन होने का दिखावा करता था। क्योंकि उसके पास आधारभूत रूप से... बेसिकली वो सब था जो किसी दुनियांदार के पास होता है। मां बाप बीवी बच्चे, इन सबके लिए पैसा और कभी कभी फैशन में आ रही चीजों... जैसे पिज्जा बर्गर का स्वाद लेने का हौसला। रामाधार को खुजली हुई कि उसकी छोटी बिटिया 4 की एक छोटा सा पंछी पालने की मांग जायज है। उसकी छोटी बिटिया को पड़ोस का पंचू चिढ़ाता था क्योंकि उन्होंने एक तोता पाल रखा था, इसलिए वो रामाधार को पंछी लाने को कहती, और बड़ी बिटिया मीतू 10 उसकी मांग का समर्थन करती।
दरअसल यह बात बड़ी उलझी है कि आदमी में होने वाली कौन सी खुजली, किस खुजली से जुड़ी है। रामाधार ने बचपन में एक कुत्ता पाला था, और कबूतर पाले थे। कुत्ते को उसके पिताजी ने घर से निकलवा दिया था। रामाधार खुद उसे एक सुनसान में, भरी सर्दी के दिनों में एक पुलिया के नीचे छोड़ आया था। उसके पाले कबूतरों को उसकी अनुपस्थिति में एक बड़ा सा बिल्ला खा गया था।
शायद इस वजह से उसने अब 40 बरस की उम्र में दो परिंदे खरीद लिये। बड़े दिनों की टालमटोल के बाद एक दिन बाजार जाकर एक नीली और एक हरी चिडि़या जिसे अंग्रेजी में लवबर्डस कहते हैं का जोड़ा खरीद लिया। उसका खयाल था कि कुछ दिन बाद जब छोटी बिटिया गुन्नी का दिल बहल जायेगा तो चिडि़यों को पार्क में ले जाकर उड़ा देंगे। इससे परिंदे पालने की खुजली दूर हो जायेगी, परिंदे सैयाद से छुड़ाकर उड़ा देने पुण्य भी मिलेगा। जब चिडि़यों का जोड़ा घर लाये तो गुन्नी बहुत खुश हुई, बड़ी मीतू को भी मजा आया। बीवी को लगा कि बहुत पैसे खर्च कर दिये इतने में तो एक अच्छा पर्स आ जाता। खैर दिन निकलना शुरू हो गये।
रामाधार ने इंटरनेट पर देखा कि लवबर्डस कैसे पालते हैं, उनकी जरूरते क्या होती हैं। पर सबसे बड़ी जरूरत रामाधार जानता था (उन्हें पिंजरे से उड़ा कर मुक्त हवा में छोड़ देना) जो इंटरनेट पर लवबर्डस को पालने वाली वेबसाइट्स में कहीं नहीं लिखा था।
सप्ताह बाद रामाधार को लगा कि पिंजरा छोटा है, अगर कुछ सप्ताह या महीनें इन्हें घर पर ही रखना है तो पिंजरा बड़ा होना चाहिए ताकि ये एक मीटर लम्बी छोटी सी उड़ान भर सकें। दूसरा पिंजरा खरीदने में इतने ही पैसे और लगने थे जिनमें ये दो परिंदे और पिंजरा आ गया था। दो हफ्तों बाद गुन्नी का लगाव परिंदों से बहुत बढ़ गया था। रामाधार की बीवी को परिंदों के लालनपालन, ध्यान रखने से खीझ थी। बड़ी मीतू के लिए सब ठीकठाक था, वो चाहती थी कि अब बड़ा पिंजरा ले ही लिया जाये।
तीसरे सप्ताह में पिंजरे लाने का विचार अमल में आना शुरू हुआ। रामाधार ने जाकर पिंजरे वाले से बात की तो उसने जो दाम बताये वो ज्यादा लगने लगे। रामाधार ने सोचा वो खुद ही पिंजरा बना लेगा। इन सबकी जुगाड़ में आज और कल के दिन निकल रहे थे।
एक दिन रामाधार दोपहर के भोजन के समय दफ्तर से घर आया तो उसकी बीवी ने बताया कि हरे रंग वाला परिंदा उड़ गया है। रामाधार को भला ही लगा कि चलो अच्छा हुआ। फिर उसे लगा कि अब नीला पंछी अकेला ही रह गया है, ये उदास हो जायेगा। उसने घर में मौजूद बीवी और बड़ी मीतू को बुलाया कि चलो इस नीले पंछी को भी उड़ा देने का मजा लें। उसने पिंजरे का दरवाजा खोला, और अन्य सब तरफ से पंछी को दरवाजे की ओर जाने को प्रेरित किया। पर पंछी नहीं उड़ा वो दरवाजे से बाहर गर्दन निकालता और वापस पिंजरे की जाली से चिपट जाता, पिंजरे में ही घूमने लगता।
काफी देर बाद जब पाया कि वो अपने आप नहीं निकलेगा तो रामाधार ने सोचा कि जैसी कि उसने कल्पना की है, उसे पकड़कर फिल्मी स्टाईल में हवा में छोड़ दे। उसने पंछी को पकड़ा, पंछी ने छोटी सी चोंच से उसे काटा... उसे मजा आया। बीवी और मीतू के सामने उसने पंछी को हवा में लहराया। पंछी ने पर मारे पर वो 45 डिग्री का कोण बनाते हुए तीसरे माले के फ्लैट से नीचे बिछी कांक्रीट रोड़ पर धड़ के बल जा गिरा। उसके गिरते ही अचानक कहीं से एक कुत्ता आया और उसे मुंह में दबाकर चलता बना। तीसरे माले के फ्लैट की बालकनी में खड़े रामाधार को अब महसूस हुआ कि वो तीसरे माले के फ्लैट से फिल्मी स्टाइल में छलांग नहीं लगा सकते। वो चप्पल पहनकर नीचे दौड़े। जब तक नीचे पहुंचते, कुत्ता उस पंछी को दबाकर कुछ दूर ले गया था। रामाधार जब तक कुत्ते के पास पहुंचते रामाधार को लगा... वो उसके प्राण ले चुका था। रामाधार ने एक बड़ा सा पत्थर उठाकर दे मारा... पर वो कुत्ता पंछी को मुंह में दबाकर दूसरी ओर भागा। और एक कार के पीछे जाकर छुपकर उसे खाने लगा। जब तक उस कार के पीछे पहुंचते, रामाधार ने देखा, पंछी की एकडेढ़ सेमी बड़ी गर्दन निपट चुकी है। या शायद रामाधार ये सब देखना ही नहीं चाहते थे। उस परिंदे के रंगीन पंख जिनकी सुंदरता के आधार पर रामाधार ने खरीदने के लिए उसे चुना था...  बिखर गये थे। रामाधार ने सोचा, अगर अब कुत्ते को एक बड़ा सा पत्थर दे मारें तो यह कुत्ते का भोजन छीनना और एक और पाप का भागी बनना होगा। होनी हो चुकी है। इस सब नौटंकी के बाद रामाधार जब घर लौटे तो मीतू रो रही थी। रामाधार बीवी पर बिफरने ही वाले थे कि यदि उसे कमरे में ही उड़ा कर उसकी उड़ान की क्षमता या इच्छा देख लेते तो अच्छा रहता। वैसे पता तो किसी को भी नहीं था कि पंछी के पंखों में उड़ने लायक शक्ति नहीं थी।
रामाधार को हरे वाले पंछी के उड़ जाने की खुशी थी और नीले परिंदे के इस दुखद निधन का अफसोस। रामाधार की उसे उड़ाने की कोशिश में परिंदा मौत के मुंह में गया। सबसे बड़ा दुख ये था कि उसके, बीवी और बेटी मीतू के सामने वो कमीना कुत्ता उस परिंदे को उनके सामने ही दबोच ले गया जिसे 3-4 हफ्ते से पाल रहे थे।

Wednesday, 16 November 2011

बड़बड़ाना छोड़ दो

बड़बड़ाना छोड़ दो, क्या पता, तुम्हें भी पता ना चले कि तुमने क्या कह दिया है...और दुनियां वाले क्या-क्या समझ लें। बड़बड़ाना छोड़ दो, सबको खबर हो जायेगी - कि तुम सोचते कैसे हो? किन वजहों से, किन बातों का समर्थन करते हो, किन वजहों से... किन बातों के सख्त खिलाफ हो।

बड़बड़ाना छोड़ दो, सबको पता चल जायेंगे...तुम्हारे भय। बड़बड़ाना छोड़ दो, तुमने सुना नहीं- जिसे, दूसरों से छिपाना चाहते हैं, उसे, खुद से भी नहीं कहते।
बड़बड़ाना, अनजाने ही नंगे होने के तरह है। तुम्हें बड़बड़ाने से बचना चाहिये, क्योंकि तुम तो दीवारों और दरवाजों से बंद बाथरूम में भी कपड़े पहनकर नहाते हो।

बड़बड़ाना छोड़ दो- सबको पता चल जायेगी... तुम्हारे पागलपन की मात्रा।
बड़बड़ाना छोड़ दो, किसी भी रिश्ते से... सीधे-सीधे सपाट शब्दों में कहो। इससे दिल के दौरों से बचा जा सकता है।
बड़बड़ाना छोड़ दो - जो होना है, होगा ही... चाहे तुम बड़बड़ाओ या, चुप रह जाओ।

तुम परिणाम नहीं बदल सकते। ना शामिल होने से बचे रह सकते हो, इसलिए भी...बड़बड़ाना छोड़ दो। सीधे सपाट कहना भी छोड़ दो, अपने हाथों होनी को देखो। क्योंकि तुम ही जिम्मेदार हो अगर तुमने सच को छोड़ा, और किसी तरह तुम्हारी सांसें चलती रहीं और तुम उस तरह बचे रह गये, जिसे तुम जिन्दगी कहते हो।

रामकृष्ण परमहंस जी का अद्भुत दृष्टांत

धर्मोपदेशक, धर्म गुरू की समस्याएं


Ek tha DIya - Ek Baati एक था दिया एक बाती


कहानियां सुनाती है
पवन आती जाती
एक था दिया
एक बाती

बहुत दिनों की है ये बात
बड़ी सुहानी थी वो रात
दिया और बाती मिले
मिल के जले एक साथ
ये चांद ये सितारे बने
सारे बराती
एक था दिया
एक बाती

उठाई दोनों ने कसम
जले बुझंगे साथ हम
उन्हें ये खबर ना थी मगर
खुशी के साथ भी है गम
मिलन के साथ-साथ ही
जुदाई भी है आती
एक था दिया
एक बाती

एक दिल गली गली
ऐसी कुछ हवा चली
आया एक झोंका
दे गया जो धोखा
जोत को चुरा के
ले गया उठा के
दिल दिये का बुझ गया
हो गई बाती जुदा
फिर भी उसने ये कहा
जोत को दी ये दुआ
तुझको कोई गम ना हो
रौशनी ये कम ना हो
तू किसी के घर जले
खुश रहे फूले फले

कहानियां सुनाती है
पवन आती जाती
एक था दिया
एक बाती

Film : Rajpoot
Singer : Md. Rafi
Picturised on : Dharmendra-Hema

Wednesday, 9 November 2011

आखिरकार

कल एक अवसर था श्मशान जाने का। पर एक नहीं 4-5 चिताएं एक साथ सजाई जाती हुई, जलती और राख होती देखीं। अगर मौत दुर्घटना नहीं है और इतनी अचानक ना आये तो हमें तैयारी करनी चाहिए। सांसे छूटने से कुछ साल पहले से अन्न त्यागना चाहिए, कुछ महीने पहले शाक आदि पेय, और आखिर जल पर निर्भर रहना चाहिए। इससे देह में रासायनिक क्रियाएं कम होंगी। देह हल्की रहेगी और चार कंधे देने वालों को सुविधा होगी। जगह और लकड़ी भी कम लगेगी। जीते जी भले ही आप एक सुन्दरतम हीरो या हीरोइन हों, मृत देह को छून से सब हिचकते हैं। इसलिए देह पर प्राकृतिक सुगंध जैसे चन्दन आदि का लेप भी लगाना चाहिए। अपने मित्रों की टेलीफोन, मेल लिस्ट भी किसी विश्वस्त व्यक्ति को देनी चाहिए कि टाईम पर लोगों को सूचित कर दे। श्मशान जाकर खुद ही अरेंजमेंट कर देने से घर वालों को सुविधा होगी।

कभी-कभी हमें जो महसूस हुआ वह लिखा नहीं जाया जाता। ये एक झूठी कोशिश है -

जिन्दगी है क्या देखो
जलती हुई चिता देखो

कैसे आती है मौत की खबर
क्या होता है दिल पे असर
क्यों झूठा जिन्दगी का समर
क्या खोया क्या मिला देखो
जलती हुई चिता देखो।

पल में सब छूटता है कैसे
सारा भरम टूटता है कैसे
मैं, मेरा, मुझे लूटता है कैसे
क्या रहा, क्या मिटा देखो
जलती हुई चिता देखो।

कैसे लकडि़यां सजाते हैं,
कैसे देह लेटाते हैं,
कैसे आग लगाते हैं,
आखिरी सफर है क्या, देखो
जलती हुई चिता देखो।

आग देह से लिपटे कैसे
उठती हैं लपटें कैसे
राख कर देने सब झपटे कैसे
सबकी नजर है क्या देखो
जलती हुई चिता देखो।


Wednesday, 2 November 2011

बदल गया है बस आदमी ही।

अभी भी चिडि़या आती है
करोड़ों इंसानों के
करोड़ों मकानों के आंगन में

अभी भी तकरीबन सारे बीज
धरती की किसी भी जमीन पर
आसानी से उग आते हैं

अभी भी मछलियां
रहने के लिए
जहरीले नदी नालों या
अनछुए सागरों में
फर्क नहीं करतीं

अभी भी
अधिकतर शेर जानवरों को ही खाते हैं
आदमियों को नहीं

अभी भी सांप बिच्छू चमगादड़
खडहरों जंगलों और वीरानों में ही रहते हैं
आदमी की रोज रहने वाली जगहों पर नहीं

कभी भी जंगल, जानवरों ने
कुदरत ने
आदमी से कुट्टी नहीं की


कभी भी शेर, चीते, भालू
चिडि़या, बाज, गिद्ध,
मछली, सांप, चमगादड़
इतनी संख्या में नहीं हुए
कि आदमी की प्रजाति को ही खत्म कर दें

अभी भी
सब कुछ कुदरती है
लाखों सालों पहले जैसा

क्यों बदल गया है
बस
आदमी ही।