Wednesday, 30 December 2009

नये साल के मतलब



नये साल के मतलब सबके लिये अलग-अलग हैं। वैसे ही जैसे हर त्यौहार का मतलब उसके मनाने वाले पर निर्भर करता है। एक हिन्दू के लिए ईद या क्रिसमस का क्या मतलब है? एक मुसलमान के लिए दीवाली का क्या मतलब है?
यदि आप हिन्दू हैं और किसी पोंगापंडित ज्योतिषी के घर पैदा हुए हैं तो आपका नया साल तो हिन्दू कैलेण्डर के हिसाब से शुरू होना है यानि इस 1 जनवरी वाले दिन का आपके लिए क्या मतलब?
रामू एक छोटा सा बच्चा है 5 साल का, खेलकूद उसे पसंद है। उसके घर में रहने वाले चाचा की नई-नई नौकरी लगी है और अखबार मैगजीन्स पढ़कर, दोस्तों से सुनकर, और टीवी चैनल्स इंटरनेट पर देखकर.. उसके चाचा पर नये साल का बुखार भी चढ़ा है। पर रामू को 30 तारीख को बुखार था वह ढंग से खेल नहीं पाया 31 को वो ठीक हो गया और दोस्तों के साथ गलियों में खेला, दरअसल 1 तारीख के लिए उसमें अभी कोई उत्तेजना नहीं है क्यों? समयबोध न होने के कारण। वह 1 तारीख को एक सामान्य दिन की तरह जिएगा हो सकता है वो पढ़े, खेले, सोये। न पिछले सालों को याद करेगा न पिछले महीने को न पिछले हफ्ते को... यहां तक कि वो पिछले दिन को भी याद नहीं करेगा।
ऐसा तथाकथित पढ़े लिखे सभ्य शहरी लोग के साथ नहीं होगा, दरअसल ये लोग भी पिछली जिन्दगी की तरह ही 1 तारीख को भी कुछ खास नहीं करने वाले, ये भी एक आम दिन की तरह ही जिएंगे पर नये साल के बारे में उन्हें बहुत गलतफहमियां हैं। मुझे मालूम है आप नये साल को क्या करने वाले हैं:
1 आप पिछले सालों को पलट कर देखेंगे और रूंआसे होंगे या खुश होंगे, जबकि ऐसा करने से या ना करने से आप जो हैं उसमें अंतर नहीं पड़ने वाला।
2. आप यह कहेंगे कि मैं 1 तारीख को सामान्य दिन की तरह ही मनाएंगे और कोई महत्व नहीं देंगे, इससे भी कुछ नहीं होगा क्योंकि ये वैसे ही एक सामान्य दिन है, आपके सामान्य तरह जीने से ये सामान्य नहीं हो रहा।
3. आप नये साल की रात यारों दोस्तों संग दारू डांस पार्टी में मनायेंगे ये सब भूल भाल कर कि पिछले साल भी आपने ऐसी पार्टी में दारू पीकर एक लड़की को छेड़ा था और आपके भयंकर जूते पड़े थे। उसके बाद घर जाकर उल्टियाँ की थीं और उनमें खून भी देखा था। इसके बाद कयामत तो तब हुई थी जब पता चला कि वो असल में लड़की थी ही नहीं।
4. नये साल पर कुछ नये संकल्प करेंगे, जबकि पिछले साल जो संकल्प लिखकर किये थे वो चौथे दिन ही टूट गये थे... तो ऐसा करने से फायदा। पिछले सालों में ऐसा कई बार हुआ है।
5. आप कुछ भला करेंगे, राम नाम का कीर्तन करवायेंगे या उसमें शामिल होंगे या अनाथाश्रम में बूढ़ों या बच्चों के बीच दिन बितायेंगे और फिर महीनों तक अपने इस कृत्य का चाहे अनचाहे, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से चहुं ओर बखान करेंगे, यूं आपका अहं आपको बिना खबर किये छल जायेगा।
5. आप कहेंगे कि आखिर करें क्या? कुछ करने की जरूरत क्या है? आप इसे 3 फरवरी जैसे एक अनाम दिन की तरह मनाएं जिससे कोई भी पुण्यतिथि, जन्मतिथि, वर्षगांठ या कोई स्मृति जुड़ी नहीं होती एक ऐसे दिन की तरह जब सब कुछ नियमित अनियमित सा....आम सा हो खास होने की इच्छा किये बिना.... या अचानक ही खास हो गया हो।
नये साल में यांत्रिक शुभकामनाओं के साथ, निजी वैयक्तिक रूप से जिन्दा लोगों से मिलने के लिए समय निकालना और बिना कारण मिलना ज्यादा बेहतर हो सकता है। नये अंग्रेजी साल की हार्दिक शुभकामनाएं।