शादीशुदा और बाल-बच्चों वालों से विवाहयोग्य-अयोग्य लोग पूछा करते हैं, भैया जी! शादी के बारे में आपका क्या ख्याल है? शादी करनी चाहिए या नहीं? ये पूछताछ उन सर्वोत्कृष्ट औपचारिकताओं में होती है जो आदमी अपनी जिन्दगी में कर सकता है। क्योंकि ये प्रश्न अक्सर वो लोग करते हैं - जिनके मन में शादी के लड्डू फूट रहे होते हैं... जो इन भावनाओं के मजे ले रहे होते हैं और कहीं ना कहीं, नये रिश्ते का इंतजार भी कर रहे होते हैं... यानि ये प्राणी निश्चित ही शादी की तारीख तय कर चुके होते हैं। जिनको शादी से कोई मतलब नहीं, वो किसी तरह के प्रश्न क्यों करेगा ?
दरअसल शादीशुदा से यह प्रश्न करने का अर्थ ही समझ नहीं आता। क्योंकि यदि वह कहे कि ”नहीं करनी चाहिये“ तो यह उसका अनुभव है, और कहे कि ”करनी चाहिए“ तो यह भी उसका निजी अनुभव है.... आपके बारे में भविष्यवाणी कैसे की जा सकती है। आप किसी संबंध को शारीरिक, मानसिक रूप से कैसे निभाते है.. नहीं निभाते हैं यह आप पर निर्भर है ना कि किसी शादीशुदा पर। निजी जीवित संबंधों का सामान्यीकरण कैसे किया जा सकता है?
लेकिन इसके उत्तर के बारे में सोचते हुए याद आया कि - कहीं पढ़ा था ...
आप जिससे प्यार करते हो उससे शादी मत करो .... शादी उससे करो जो आपसे प्यार करता है।
ये वाक्य सरलता से समझ नहीं आता, पर जिन्दगी के सच ऐसे ही होते हैं।
साथ ही किस उम्र में शादी करनी चाहिए, इसके लिए... ये पंक्तियां भी।
कुरकुरा टोस (तोस) खाना हो
तो तोस ही खाओ
ब्रेड को महीनों ना सुखाओ
बहुत ही नर्म ब्रेड खानी हो तो
ताजा ब्रेड ही खाओ
तोस को नमी में ना डुबाओ
वैसे आजकल असल जिन्दगी में वो युवक-युवतियां निश्चित ही प्रेरक हैं जो शादी को नौकरी-धंधे के बाद प्राथमिकता दे रहे/रही हैं या शादी को किसी तरह की प्राथमिकता ही नहीं दे रहे। जीवन के चरण और लक्ष्य कुछ और रख रहे हैं।

4 टिप्पणियां:
बहुत ही सार्थक एवं सटीक प्रस्तुति ....खास कर वो टोस्ट वाला उदहारण बहुत रोचक और नया लगा समय मिले कभी तो आयेगा मेरी पोस्ट पर आपका स्वागत है।
http://aapki-pasand.blogspot.com/2011/12/blog-post_07.html
http://mhare-anubhav.blogspot.com/
दोनों ही ब्लॉग पर आपका हार्दिक स्वागत है
कबीर से संबंधित एक कहानी में यही सवाल उठाया गया था, जिसका जवाब कबीर ने अपने अंदाज में दिया था।
आप जिससे प्यार करते हो उसके बजाए.... शादी उससे करो जो आपसे प्यार करता है।
इन बातों से सहमत।
अच्छी पोस्ट।
बहुत सुंदर पोस्ट ,.....मेरे नए पोस्ट में ...
नयनों में जब होतीं बातें, क्या समझोगे ऎसी बातें
हर भाषा में होतीं बातें, कुछ सच्ची कुछ झूठी बातें
हार की बातें जीत की बातें, गीत और संगीत की बातें
ज्ञान और विज्ञान की बातें, हर मौसम पर करते बातें
आज चली कुछ ऐसी बातें, बातों पर हो जाएँ बातें
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