Friday, 12 March 2010

तेरे जाने के बाद

तेरे जाने के बाद कोई सावन नहीं आया
ना उन गलियों में, ना मेरे दिल की बस्ती में

तेरे जाने के बाद, सागर के किनारे शोर करते रहे
कितने मंजर तरते रहे, यादों की कश्ती में

तेरे जाने के बाद, बारहा ये सवाल आया
बारहा मलाल आया, क्या कम है मेरी हस्ती में

तेरे जाने के बाद, मैं भी कितना अपना रहा
बन के इक सपना रहा, किसी साये की सरपरस्ती में

तेरे जाने के बाद, सारी राहें खो गई हैं
तमन्ना रोती-मुस्कुराती हैं, दीवानावर मस्ती में

तेरे जाने के बाद कोई सावन नहीं आया
ना उन गलियों में, ना मेरे दिल की बस्ती में