Monday, 9 November 2009

आदमी की संभावना



कुत्ता, कुत्ते सा
अजगर, अजगर सा ही होता है

गिरगिट, गिरगिट सा
भेड़िया, भेड़िये सा ही होता है

गिद्ध गिद्ध सा
सूअर, सूअर सा ही होता

बैल, बैल सा
गधा, गधे सा ही होता है

सांप, सांप सा
केंचुआ केंचुए-सा ही होता है

फिर क्यों आदमी
कुत्ता, अजगर, गिरगिट
गिद्ध, सूअर, बैल
गधा, सांप, केंचुआ
सब कुछ हो जाता है?

क्यों नहीं रहता
आदमी, आदमी सा?

या,
आदमी वो संभावना है
जो सब कुछ हो सकता है?
आदमी से बदतर,
आदमी से बेहतर।

या,
आदमी का होना
बदतर और बेहतर
दो अतियों में झूलना है।

या,
आदमी, इस सारे प्रपंच से
होश की छलांग लगाकर
बाहर हो सकता है?
हमेशा के लि‍ए।